अपना पक्का घर हर परिवार का सपना होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार गाँवों में ₹1.20–1.30 लाख और शहरों में ₹2.50 लाख तक की सहायता देती है। यह योजना दो भागों में चलती है — ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U)। इस post में दोनों की पात्रता, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग, साफ़ तरीके से दी गई है।
📌 प्रमुख बिंदु
- PMAY-G (ग्रामीण): मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख, पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों व जम्मू-कश्मीर/लद्दाख में ₹1.30 लाख प्रति घर
- ग्रामीण लाभार्थियों को शौचालय के लिए अलग से ₹12,000 और मनरेगा से 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी भी मिलती है
- PMAY-U 2.0 (शहरी): प्रति आवास इकाई ₹2.50 लाख तक की सहायता — 1 करोड़ और शहरी परिवारों का लक्ष्य (सितंबर 2024 से)
- शहरी होम लोन पर ₹1.80 लाख तक ब्याज सब्सिडी (ISS घटक) — लोन ₹25 लाख तक, पारिवारिक आय ₹9 लाख तक
- दोनों योजनाओं में लाभार्थी के पास देश में कहीं भी पहले से पक्का घर नहीं होना चाहिए
- ग्रामीण योजना मार्च 2029 तक जारी है — 2 करोड़ और घरों के निर्माण का लक्ष्य
योजना का परिचय
प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana – PMAY) "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य से चलाई जा रही भारत सरकार की प्रमुख योजना है। इसके दो घटक हैं — प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G), जो ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है और 1 अप्रैल 2016 से लागू है; और प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-U), जो आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय चलाता है और जिसका दूसरा चरण PMAY-U 2.0 सितंबर 2024 से चल रहा है। दोनों में सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में या निर्माण की प्रगति से जोड़कर दी जाती है।
भाग 1 — PMAY-G: ग्रामीण आवास योजना
लाभ (कितनी सहायता मिलती है):
| क्षेत्र | प्रति घर सहायता |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1,20,000 |
| पूर्वोत्तर राज्य, पहाड़ी राज्य (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) व केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख | ₹1,30,000 |
| शौचालय निर्माण (SBM-G/मनरेगा आदि से, अतिरिक्त) | ₹12,000 |
| अकुशल श्रम मज़दूरी (मनरेगा समन्वय से) | 90/95 मानव-दिवस |
- सहायता निर्माण की प्रगति से जुड़ी किस्तों में DBT द्वारा लाभार्थी के बैंक/डाकघर खाते में दी जाती है; हर चरण का geo-tag सत्यापन होता है।
- घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर है, जिसमें स्वच्छ रसोई का स्थान शामिल है।
- लागत वहन: मैदानी राज्यों में केंद्र:राज्य = 60:40, पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों में 90:10 और बिना विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्र।
पात्रता: बेघर परिवार और कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घरों (दो कमरों तक के कच्चे घर) में रहने वाले परिवार। लाभार्थियों का चयन SECC 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) और आवास+ (Awaas+) सूची से होता है, जिसका सत्यापन ग्राम सभा करती है। आवास+ सर्वेक्षण के निर्धारित अपवर्जन मानदंड (जैसे मोटरयुक्त वाहन रखने वाले, सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता आदि) लागू होते हैं — ऐसे परिवार सूची से बाहर रहते हैं।
आवेदन/चयन प्रक्रिया: ग्रामीण योजना में अलग से ऑनलाइन आवेदन नहीं होता — चयन सूची-आधारित है। यदि आपका परिवार बेघर या कच्चे घर में है और नाम सूची में नहीं आया है, तो ग्राम पंचायत / ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें और आवास+ सर्वेक्षण में नाम दर्ज कराने का अनुरोध करें; सत्यापन के बाद नाम सूची में जुड़ता है। अपनी स्थिति और सूची में नाम pmayg.nic.in पर देख सकते हैं।
भाग 2 — PMAY-U 2.0: शहरी आवास योजना
लाभ — चार घटक (verticals):
| घटक | क्या मिलता है | किसके लिए |
|---|---|---|
| BLC — लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण | अपनी भूमि पर पक्का घर बनाने हेतु ₹2.50 लाख तक सहायता | EWS परिवार (वार्षिक आय ₹3 लाख तक) |
| AHP — भागीदारी में किफायती आवास | सार्वजनिक/निजी परियोजनाओं में घर खरीदने पर प्रति इकाई ₹2.50 लाख तक सहायता | EWS परिवार |
| ARH — किफायती किराया आवास | शहरों में किफायती किराए के आवास की सुविधा | प्रवासी मज़दूर व निम्न-आय शहरी कामकाजी वर्ग |
| ISS — ब्याज सब्सिडी योजना | होम लोन पर ₹1.80 लाख तक ब्याज सब्सिडी (लोन ₹25 लाख तक) | EWS/LIG/MIG परिवार (वार्षिक आय ₹9 लाख तक) |
आय श्रेणियाँ:
| श्रेणी | वार्षिक पारिवारिक आय |
|---|---|
| EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) | ₹3 लाख तक |
| LIG (निम्न आय वर्ग) | ₹3 लाख से ₹6 लाख तक |
| MIG (मध्यम आय वर्ग) | ₹6 लाख से ₹9 लाख तक |
पात्रता: शहरी परिवार जिनके पास देश में कहीं भी पक्का घर नहीं है। महिला स्वामित्व/सह-स्वामित्व को प्राथमिकता दी जाती है — PMAY-U 2.0 में अब तक स्वीकृत घरों में 97% महिलाओं के नाम या संयुक्त नाम पर हैं।
आवेदन प्रक्रिया:
- आधिकारिक portal pmay-urban.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें, या अपने नगर निकाय (ULB) कार्यालय / नज़दीकी CSC से सहायता लें।
- अपनी आय श्रेणी के अनुसार घटक (BLC/AHP/ISS) चुनकर फ़ॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- नगर निकाय द्वारा सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलती है; BLC/AHP में सहायता स्वीकृत परियोजना के अनुसार और ISS में सब्सिडी आपके लोन खाते में दी जाती है।
आवश्यक दस्तावेज़ (दोनों योजनाओं हेतु)
- आधार कार्ड — परिवार के सभी सदस्यों का
- बैंक खाता विवरण (आधार से जुड़ा खाता प्राथमिकता पर)
- आय प्रमाण / स्व-घोषणा (शहरी योजना में श्रेणी निर्धारण हेतु)
- भूमि/संपत्ति दस्तावेज़ — BLC में अपनी भूमि के काग़ज़; ग्रामीण में भूमि अभिलेख
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और पासपोर्ट आकार फ़ोटो
- स्वयं का पक्का घर न होने का स्व-घोषणापत्र
महत्वपूर्ण Links
- PMAY-G (ग्रामीण) आधिकारिक portal: https://pmayg.nic.in — लाभार्थी सूची व स्थिति
- PMAY-U (शहरी) आधिकारिक portal: https://pmay-urban.gov.in — ऑनलाइन आवेदन व स्थिति
नोट: योजना की जानकारी आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य जाँचें।

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