PM आवास योजना 2026: ग्रामीण व शहरी लाभ, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया

अपना पक्का घर हर परिवार का सपना होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार गाँवों में ₹1.20–1.30 लाख और शहरों में ₹2.50 लाख तक की सहायता देती है। यह योजना दो भागों में चलती है — ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U)। इस post में दोनों की पात्रता, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग, साफ़ तरीके से दी गई है।

📌 प्रमुख बिंदु

  • PMAY-G (ग्रामीण): मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख, पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों व जम्मू-कश्मीर/लद्दाख में ₹1.30 लाख प्रति घर
  • ग्रामीण लाभार्थियों को शौचालय के लिए अलग से ₹12,000 और मनरेगा से 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी भी मिलती है
  • PMAY-U 2.0 (शहरी): प्रति आवास इकाई ₹2.50 लाख तक की सहायता — 1 करोड़ और शहरी परिवारों का लक्ष्य (सितंबर 2024 से)
  • शहरी होम लोन पर ₹1.80 लाख तक ब्याज सब्सिडी (ISS घटक) — लोन ₹25 लाख तक, पारिवारिक आय ₹9 लाख तक
  • दोनों योजनाओं में लाभार्थी के पास देश में कहीं भी पहले से पक्का घर नहीं होना चाहिए
  • ग्रामीण योजना मार्च 2029 तक जारी है — 2 करोड़ और घरों के निर्माण का लक्ष्य

योजना का परिचय

प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana – PMAY) "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य से चलाई जा रही भारत सरकार की प्रमुख योजना है। इसके दो घटक हैं — प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G), जो ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है और 1 अप्रैल 2016 से लागू है; और प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-U), जो आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय चलाता है और जिसका दूसरा चरण PMAY-U 2.0 सितंबर 2024 से चल रहा है। दोनों में सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में या निर्माण की प्रगति से जोड़कर दी जाती है।

भाग 1 — PMAY-G: ग्रामीण आवास योजना

लाभ (कितनी सहायता मिलती है):

क्षेत्रप्रति घर सहायता
मैदानी क्षेत्र₹1,20,000
पूर्वोत्तर राज्य, पहाड़ी राज्य (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) व केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख₹1,30,000
शौचालय निर्माण (SBM-G/मनरेगा आदि से, अतिरिक्त)₹12,000
अकुशल श्रम मज़दूरी (मनरेगा समन्वय से)90/95 मानव-दिवस
  • सहायता निर्माण की प्रगति से जुड़ी किस्तों में DBT द्वारा लाभार्थी के बैंक/डाकघर खाते में दी जाती है; हर चरण का geo-tag सत्यापन होता है।
  • घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर है, जिसमें स्वच्छ रसोई का स्थान शामिल है।
  • लागत वहन: मैदानी राज्यों में केंद्र:राज्य = 60:40, पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों में 90:10 और बिना विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्र।

पात्रता: बेघर परिवार और कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घरों (दो कमरों तक के कच्चे घर) में रहने वाले परिवार। लाभार्थियों का चयन SECC 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) और आवास+ (Awaas+) सूची से होता है, जिसका सत्यापन ग्राम सभा करती है। आवास+ सर्वेक्षण के निर्धारित अपवर्जन मानदंड (जैसे मोटरयुक्त वाहन रखने वाले, सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता आदि) लागू होते हैं — ऐसे परिवार सूची से बाहर रहते हैं।

आवेदन/चयन प्रक्रिया: ग्रामीण योजना में अलग से ऑनलाइन आवेदन नहीं होता — चयन सूची-आधारित है। यदि आपका परिवार बेघर या कच्चे घर में है और नाम सूची में नहीं आया है, तो ग्राम पंचायत / ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें और आवास+ सर्वेक्षण में नाम दर्ज कराने का अनुरोध करें; सत्यापन के बाद नाम सूची में जुड़ता है। अपनी स्थिति और सूची में नाम pmayg.nic.in पर देख सकते हैं।

भाग 2 — PMAY-U 2.0: शहरी आवास योजना

लाभ — चार घटक (verticals):

घटकक्या मिलता हैकिसके लिए
BLC — लाभार्थी-नेतृत्व निर्माणअपनी भूमि पर पक्का घर बनाने हेतु ₹2.50 लाख तक सहायताEWS परिवार (वार्षिक आय ₹3 लाख तक)
AHP — भागीदारी में किफायती आवाससार्वजनिक/निजी परियोजनाओं में घर खरीदने पर प्रति इकाई ₹2.50 लाख तक सहायताEWS परिवार
ARH — किफायती किराया आवासशहरों में किफायती किराए के आवास की सुविधाप्रवासी मज़दूर व निम्न-आय शहरी कामकाजी वर्ग
ISS — ब्याज सब्सिडी योजनाहोम लोन पर ₹1.80 लाख तक ब्याज सब्सिडी (लोन ₹25 लाख तक)EWS/LIG/MIG परिवार (वार्षिक आय ₹9 लाख तक)

आय श्रेणियाँ:

श्रेणीवार्षिक पारिवारिक आय
EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग)₹3 लाख तक
LIG (निम्न आय वर्ग)₹3 लाख से ₹6 लाख तक
MIG (मध्यम आय वर्ग)₹6 लाख से ₹9 लाख तक

पात्रता: शहरी परिवार जिनके पास देश में कहीं भी पक्का घर नहीं है। महिला स्वामित्व/सह-स्वामित्व को प्राथमिकता दी जाती है — PMAY-U 2.0 में अब तक स्वीकृत घरों में 97% महिलाओं के नाम या संयुक्त नाम पर हैं।

आवेदन प्रक्रिया:

  1. आधिकारिक portal pmay-urban.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें, या अपने नगर निकाय (ULB) कार्यालय / नज़दीकी CSC से सहायता लें।
  2. अपनी आय श्रेणी के अनुसार घटक (BLC/AHP/ISS) चुनकर फ़ॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
  3. नगर निकाय द्वारा सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलती है; BLC/AHP में सहायता स्वीकृत परियोजना के अनुसार और ISS में सब्सिडी आपके लोन खाते में दी जाती है।

आवश्यक दस्तावेज़ (दोनों योजनाओं हेतु)

  • आधार कार्ड — परिवार के सभी सदस्यों का
  • बैंक खाता विवरण (आधार से जुड़ा खाता प्राथमिकता पर)
  • आय प्रमाण / स्व-घोषणा (शहरी योजना में श्रेणी निर्धारण हेतु)
  • भूमि/संपत्ति दस्तावेज़ — BLC में अपनी भूमि के काग़ज़; ग्रामीण में भूमि अभिलेख
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और पासपोर्ट आकार फ़ोटो
  • स्वयं का पक्का घर न होने का स्व-घोषणापत्र

महत्वपूर्ण Links

  • PMAY-G (ग्रामीण) आधिकारिक portal: https://pmayg.nic.in — लाभार्थी सूची व स्थिति
  • PMAY-U (शहरी) आधिकारिक portal: https://pmay-urban.gov.in — ऑनलाइन आवेदन व स्थिति

नोट: योजना की जानकारी आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य जाँचें।

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