मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना 2026: 125 दिन रोज़गार, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार की गारंटी के लिए मनरेगा है, लेकिन शहरों में रहने वाले मज़दूर परिवारों के लिए क्या? राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री शहरी रोज़गार गारंटी योजना (Mukhyamantri Shahari Rozgar Guarantee Yojana) ठीक यही काम करती है — यह देश की सबसे बड़ी शहरी रोज़गार गारंटी योजना है, जिसमें शहरी परिवारों को साल में 125 दिन का गारंटीशुदा रोज़गार दिया जाता है। आइए जानते हैं इसके लाभ, पात्रता और पंजीकरण की प्रक्रिया।

📌 प्रमुख बिंदु

  • वर्तमान आधिकारिक नाम: मुख्यमंत्री शहरी रोज़गार गारंटी योजना (पूर्व नाम: इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना)
  • प्रति परिवार प्रति वर्ष 125 दिन का गारंटीशुदा रोज़गार (पहले 100 दिन था)
  • पंजीकरण के लिए आयु: 18 से 60 वर्ष
  • योजना हेतु वार्षिक प्रावधान: ₹800 करोड़
  • आवेदन हेतु जन आधार नंबर अनिवार्य
  • पंजीकरण स्वयं ऑनलाइन या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से

योजना का परिचय

मुख्यमंत्री शहरी रोज़गार गारंटी योजना राजस्थान सरकार की शहरी रोज़गार गारंटी योजना है, जिसे मनरेगा (MGNREGA) की तर्ज़ पर शहरी क्षेत्रों के लिए बनाया गया है। यह योजना सितंबर 2022 में 'इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना' के नाम से शुरू हुई थी; वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में इसका आधिकारिक नाम 'मुख्यमंत्री शहरी रोज़गार गारंटी योजना' है और योजना इसी नाम से आधिकारिक पोर्टल पर संचालित हो रही है। योजना का क्रियान्वयन राज्य के नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका) के माध्यम से होता है। योजना के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार यह देश की सबसे बड़ी शहरी रोज़गार गारंटी योजना है, जिसके लिए राज्य सरकार ने सालाना ₹800 करोड़ का प्रावधान किया है।

लाभ (कितनी राशि/सहायता)

  • प्रत्येक पंजीकृत शहरी परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक का गारंटीशुदा रोज़गार माँगने का अधिकार है।
  • काम नगरीय निकाय द्वारा कराए जाने वाले सार्वजनिक कार्यों में दिया जाता है।
  • मज़दूरी का भुगतान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे किया जाता है।
  • इससे शहरों के ग़रीब और ज़रूरतमंद परिवारों को अपने ही शहर में नियमित आजीविका की सुरक्षा मिलती है — पलायन की मजबूरी घटती है।

पात्रता (कौन लाभ ले सकता है)

  • आवेदक राजस्थान के किसी नगरीय निकाय क्षेत्र (नगर निगम/परिषद/पालिका) का निवासी हो।
  • पंजीकरण हेतु आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
  • परिवार के पास जन आधार कार्ड होना अनिवार्य है — जन आधार नंबर या जन आधार नामांकन रसीद के बिना आवेदन संभव नहीं; यदि जन आधार नहीं बना है तो पहले जन आधार नामांकन करवाना होगा।
  • आवेदक शारीरिक श्रम सहित कार्य करने का इच्छुक हो — योजना में आय की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है।

आवश्यक दस्तावेज़

  • जन आधार कार्ड / जन आधार नामांकन रसीद (अनिवार्य)
  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता पासबुक (मज़दूरी भुगतान हेतु)
  • पासपोर्ट आकार फोटो
  • राशन कार्ड / निवास संबंधी दस्तावेज़ (नगरीय निकाय द्वारा माँगे जाने पर)

आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन पंजीकरण:

  1. योजना के आधिकारिक पोर्टल msrgy.rajasthan.gov.in पर जाएँ।
  2. अपने जन आधार नंबर की सहायता से परिवार का पंजीकरण करें और परिवार के वयस्क सदस्यों (18–60 वर्ष) का विवरण भरें।
  3. पंजीकरण पूर्ण होने पर परिवार योजना में दर्ज हो जाता है; इसके बाद नगरीय निकाय से काम की माँग की जा सकती है।

ई-मित्र / नगरीय निकाय के माध्यम से:

  1. अपने नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर जन आधार नंबर से पंजीकरण करवाएँ।
  2. अथवा अपने क्षेत्र के नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका कार्यालय में संपर्क कर पंजीकरण व काम की माँग की जानकारी लें।
  3. काम आवंटित होने पर निर्धारित कार्यों में उपस्थिति देकर काम करें — मज़दूरी सीधे बैंक खाते में आएगी।

महत्वपूर्ण links

नोट: योजना की जानकारी आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य जाँचें।

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