📌 प्रमुख बिंदु
- फ्रेंच ओपन 2026 (Super 750) के महिला सिंगल्स फाइनल में पी. वी. सिंधु को दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर-1 आन से-यंग ने 16-21, 21-11, 21-12 से हराया।
- सिंधु ने पहला गेम 21-16 से जीतकर बढ़त बनाई थी — आन से-यंग के खिलाफ 11 मुकाबलों में यह उनका सिर्फ़ दूसरा जीता हुआ गेम है।
- यह सिंधु का पहला फ्रेंच ओपन फाइनल था; जुलाई में वे जापान ओपन का खिताब जीत चुकी हैं।
- आन से-यंग ने लगातार तीसरी बार फ्रेंच ओपन खिताब जीता और अपनी जीत का सिलसिला 50 मैचों तक पहुँचा दिया।
पेरिस। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी. वी. सिंधु फ्रेंच ओपन 2026 का खिताब जीतने से चूक गईं। रविवार को एरीना ग्रैंड पेरिस में खेले गए महिला सिंगल्स फाइनल में उन्हें दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर-1 और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन आन से-यंग के हाथों तीन गेमों के संघर्ष में 21-16, 11-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। एक घंटे से ज़्यादा चले इस मुकाबले में सिंधु ने दमदार शुरुआत की, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने वापसी करते हुए बाज़ी अपने नाम कर ली।
पहला गेम सिंधु के नाम, फिर आन की वापसी
फाइनल की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। 11-11 की बराबरी के बाद सिंधु ने अपनी लंबी पहुँच और सटीक नेट खेल का बेहतरीन इस्तेमाल किया और पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया। यह सिर्फ़ दूसरी बार था जब सिंधु ने आन से-यंग के खिलाफ कोई गेम जीता। दूसरे गेम में आन ने रैलियों पर नियंत्रण बढ़ाया और 21-11 से गेम जीतकर मैच बराबर कर दिया। निर्णायक गेम में सिंधु ने 8-5 की बढ़त बनाई थी, लेकिन आन ने लगातार अंक बटोरते हुए गेम 21-12 से जीतकर खिताब पक्का कर लिया। इस हार के साथ सिंधु का आन से-यंग के खिलाफ रिकॉर्ड 0-11 हो गया है।
फाइनल तक का सफ़र
- पहला दौर: सुपानिडा कैटेथॉन्ग (थाईलैंड) को 21-14, 8-21, 23-21 से हराया
- दूसरा दौर: रिको गुंजी (जापान) को 21-12, 21-16 से हराया
- क्वार्टर फाइनल: चिउ पिन-चियान (चीनी ताइपे) को 21-13, 21-14 से हराया
- सेमीफाइनल: हिना अकेची (जापान) को 21-10, 20-22, 21-16 से हराया (मैच 1 घंटा 13 मिनट चला)
1998 के बाद भी इंतज़ार जारी
सिंधु फ्रेंच ओपन जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने से एक कदम दूर रह गईं। इससे पहले 1998 में अपर्णा पोपट ने यह खिताब जीता था, जबकि 2012 में साइना नेहवाल उपविजेता रही थीं। हार के बावजूद सिंधु के लिए यह टूर्नामेंट सकारात्मक संकेत लेकर आया — जुलाई में जापान ओपन जीतने के बाद यह इस सीज़न उनका दूसरा बड़ा फाइनल था और वे अपने करियर के सातवें वर्ल्ड टूर खिताब की तलाश में थीं। दूसरी ओर, आन से-यंग ने लगातार तीसरी बार फ्रेंच ओपन ट्रॉफी उठाई और अपनी जीत का सिलसिला 50 मैचों तक बढ़ा दिया।
— DivanshuNews खेल डेस्क

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