वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण का राजस्थान प्रमुख केंद्र बनेगा

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026


Rajasthan Semiconductor Policy-2026



Rajasthan Semiconductor Policy-2026

तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास के पथ पर अग्रसर होने के साथ रोजगार सृजन की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।


इसी क्रम में वैश्विक अर्थव्यवस्था में आधुनिक तकनीक की रीढ़ बन चुके सेमीकंडक्टर उद्योग की महत्ता को समझते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ जारी कर ऐतिहासिक पहल की गई है।


इस नीति के जरिए न केवल प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को भी नई दिशा मिलेगी।


देश में मेक इन इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी पहलों ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाया है।


केंद्रीय बजट में भी ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ के लाभ भी दिए जा रहे हैं।


ये कदम देश को तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देशों के साथ खड़ा करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं और राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026 के जरिए प्रदेश इस क्षेत्र में अपना अहम योगदान देने जा रहा है।


वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण का राजस्थान प्रमुख केंद्र बनेगा


वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल, रक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर उद्योग निर्णायक बन रहा है।


यह नीति राजस्थान को देश में वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेम्बली एंड टेस्ट के साथ असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग और सेंसर्स के क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।


यह नीति सेमीकंडक्टर के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उच्च तकनीक पर आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित भी करेगी।


मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित कर रही राज्य सरकार


राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026 केवल उत्पादन तक सीमित नहीं होकर इससे जुड़ी पूरी वैल्यू-चेन को कवर करती है।


नीति के तहत सेमीकंडक्टर अनुसंधान, डिजाइन, उत्पादन, परीक्षण एवं पैकेजिंग जैसे सभी चरण शामिल किए गए हैं, जिससे राजस्थान में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा। इसी के मद्देनजर जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र एवं अन्य क्लस्टर प्राथमिक सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किए जाएंगे।


इससे उद्योगों को भूमि आवंटन और सिंगल विंडो सिस्टम के साथ ही बिजली, पानी, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएं त्वरित गति से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


साथ ही, विश्व स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों का विकास और फैबलेस डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जाएगा।


निवेश को आकर्षित करने के लिए नीति में विशेष प्रावधान


सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पैकेज के तहत निवेश को आकर्षित करने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं।


इसमें प्रोजेक्ट्स को 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, स्टाम्प शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में 75% छूट एवं 25% का पुनर्भरण का प्रावधान शामिल है।


साथ ही, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पूंजी सब्सिडी का 60% अनुदान एवं पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के लिए टर्म लोन पर 5% ब्याज अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।


औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत पात्र उद्योगों को पर्यावरणीय प्रोजेक्ट्स की लागत का 50% पुनर्भरण, कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी वाले प्रोजेक्ट्स के लिए 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट एवं राजस्थान ग्रीन रेटिंग सिस्टम के तहत सहमति शुल्क में 50% छूट का प्रावधान किया गया है।

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